नया बॉस या नया बांस


नया बॉस आया नया बॉस आया यह खबर किसी भी संस्थान चाहे वह सरकारी हो या निजी ..नया बॉस एक ऐसा शब्द है जो संशय खुशी रंज और आश्चर्य डर दहशत उत्साह सभी गुणों को एक साथ जाग्रत कर देता है। बॉस के सामने जाना उनसे मुलाकात करना उनकी बातों से प्रभावित होना और उन्हें प्रभावित करना अपने आपमें बहुत बड़ा गुण हैं। जिंदगी में ज्यादा प्रोफेशनलिज्म नहीं सीख पाए सो इन गुणों की गहराई तक पहुंच नहीं पाए खैर नया बॉस एक ऐसा प्राणी होता है जिसकी चर्चा फोर्थ क्लास कर्मचारी से लेकर जस्ट जूनियर सभी करते हैं। बॉस ऐसे है वैसे है बॉस नरम मिजाज है गरम मिजाज हैं। बॉस नाम का प्राणी ऐसा होता है कि वह सरकारी हो या निजी सभी संस्थानों में अपनी अपने व्यवहार के लिए जाना जाता है। आदिकालीन भारतीय सभ्यता का अगर अनुसरण करें तो वह बॉस ही क्या जो अपनी हेकड़ी ना दिखाएं वैसे यह भी सच है कि बॉस अगर हेकडी़ ना दिखाएं तो उन्हें हम बॉस ही नहीं मानते हैं। मेरा यह निजी अनुभव है कि अगर बॉसगीरी नहीं आई तो समझ लीजिए जूनियर अपनी जूनियरी दिखा ही देते हैं। 

Comments

  1. आपका ब्लाग पढ़कर मुझे बहुत अच्छा लगा।
    धन्य़वाद

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