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Showing posts from November, 2017

हमारी शिक्षा हमारे संस्कार हमारा ज्ञान हमारा परिवेश

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The Best of All Gifts Around any christmas tree: the presence of a happy family all wrapped up in each other. burton Hills शब्दार्थ यह कि क्रिसमस ट्री का सबसे बेस्ट गिफ्ट यह है कि एक संयुक्त परिवार जोकि एक दूसरे के लिए समर्पित है वह क्रिसमस ट्री के इर्द गिर्द उपस्थित हो। भावार्थ यह कि त्योहार तभी बेहतर और खुशनुमा होते हैं जब हमारे अपने परिजन अपने चाहने वाले एक दूसरे के लिए त्याग करने वाले एक साथ उन त्योहारों का आनंद उठाएं।  जीवन में  परिवार के महत्व को दर्शाती बर्टन हिल्स की यह उक्ति यूं तो बहुत अच्छी है आखिर यह उक्ति हमारे अपनों का अपने जीवन में महत्व साबित करती है ... वाकई त्योहार का आनंद तभी है जब परिजन एकत्रित होते हैं जब सभी मिलकर एक खुशनुमा वातावरण का निर्माण करते हैं और एक दूसरे के लिए कुछ करने की इच्छा रखते हैं यहां तक तो ठीक है आपत्ति केवल इस बात की है एक पांच साल के बच्चे को जोकि wrapped up का मतलब भी नहीं जानता उसे क्रिसमस ट्री के इर्द गिर्द परिवार के माहौल परिवार का महत्व आदि आदि सिखाया जाता है। आज मैं अपने पांच साल के भतीजे को यह उक्ति सिखा रहा था उसे अपने स्क...

एक राजा की नर्मदा यात्रा

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तो दिग्विजय सिंह राघोगढ के महाराजा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अपनी नर्मदा यात्रा के साठ दिन पूरे कर रहे हैं... नरसिंहपुर के बरमान घाट से शुरु हुई दिग्विजयी यात्रा महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिलों से गुजरती हुई वापस आने को है। इस दौरान दिग्विजय सिंह के साथ उनकी पत्नी अमृता राय गाडरवारा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर नीखरा सहित नर्मदा प्रेमी श्रद्दालुओं का कारवां चल रहा है। अगर इस पूरी यात्रा पर गौर किया जाए तो निश्चित ही दिग्विजय सिंह की यह यात्रा केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए याद की जाएगी। क्योंकि जब तक वो मीडिया की राडार में रहे तब तक  छुटभैये नेता विधायक की टिकट जुगत भिड़ाने उनके साथ सेल्फी खिंचाने वाले लोग राजा के सामने आते रहे लेकिन अब जबकि दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश की धरती से दूर गुजरात और महाराष्ट्र में नर्मदा किनारे विचरण कर रहे हैं तब उनके साथ श्रद्दालुओं का वो कारवां है जो केवल नर्मदा की गोद में बैठकर इसकी शीतलता का अनुभव करना चाहता है।  इस पूरी यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने जहां अपने राजनीतिक सरोकारों से खुद को दूर रख...

एक घोटाला जिसनें कईयों को मुर्दा बना दिया

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वह मामला जिसमें राज्य सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जेल तक जा चुके हों वह मामला जो देश के नंबर वन चैनल के पत्रकार की जान ले चुका हो वह मामला जिससे जुड़े कम्प्यूटर की खरीदी से संबंधित दस्तावेज न मिल सकें वह मामला जिसमें राज्य के मुखिया का दामन दागदार होने के पूरे अंदेशे हों ऐसे व्यापमं घोटाले में किसी प्रकार के षणयंत्र की बू न महसूस करते हुए सीबीआई यानी सरकारी तोते ने वही किया जो उसके आका ने कहा। सीबीआई ने इस पूरे मामले में सरकार के मुखिया को पूरी तरह से बचाते हुए आरोपों की तह तक जाने की बजाय मामले में सीधे जुड़े लोगों तक अपनी जांच को मोड़ दिया है। कह सकते हैं कि अब जांच अपने अहम मोड़ पर हैं व्यापमं के वो अधिकारी जो तत्कालीन समय में इस पूरी व्यवस्था के खैरख्वाह थे वो छात्र जो इस परीक्षा में ऐन केन प्रकारेण सफल हो सके थे वो निजी कॉलेज संचालक जो इस व्यवस्था को गंदी बनाने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे थे जिन्होंने अपने कॉलेजों में ऊंची फीस और डोनेशन लेकर मेडिकल के इच्छुक बच्चों को चोर दरवाजों से रास्ता बनाया था उन सभी के खिलाफ आरोप पत्र दायर हो गए हैं। ताज्जुब है सीबीआई को इस पूरे मामले में ...

शिक्षा में घोटाला पर नकेल की अधूरी कोशिश

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व्यापमं घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने आज अपनी चार्जशीट पेश कर दी है। इस चार्जशीट में सीबीआई ने 2012 की पीएमटी परीक्षा में कथित तौर पर हुए फर्जीवाड़े में कुल 592 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इनमें व्यापमं यानी वह संस्था जो यह परीक्षा कराती रही है उसके तत्कालीन निदेशक पंकज त्रिवेदी उनके चार सहयोगी अधिकारी डॉक्टरों की फैक्ट्री के चार सरगना यानी निजी कॉलेजों के मालिक छात्र कर्मचारी दलाल सभी शामिल हैं। यह पूरा मामला 2012 के पीएमटी परीक्षा घोटाले से जुड़ा हुआ है।व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने मध्यप्रदेश को अनेकों होनहार इंजीनियर, कुशल और विशेषज्ञ चिकित्सक कृषि अधिकारी सहित अन्य प्रोफेशनल सेवाओं के लिए कुशल होनहार छात्रों का चयन किया लेकिन शिक्षा में निजीकरण की बढती प्रवृति और निजी कॉलेजों में एडमिशन को लेकर छात्रों की सहज उत्कंठा ने इस संस्थान के दामन को ऐसे कीचड़ में लपेटा कि चिनार पार्क के बगल में खड़ी यह इमारत आज मध्यप्रदेश के लिए शर्मिंदगी का एक अहसास बन गई है।  ठीक बगल में सरकार ने शौर्य स्मारक बनाकर अपने राष्ट्रवादी चरित्र को सामने रखने की को...