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The Best of All Gifts Around any christmas tree: the presence of a happy family all wrapped up in each other. burton Hills
शब्दार्थ यह कि क्रिसमस ट्री का सबसे बेस्ट गिफ्ट यह है कि एक संयुक्त परिवार जोकि एक दूसरे के लिए समर्पित है वह क्रिसमस ट्री के इर्द गिर्द उपस्थित हो।
भावार्थ यह कि त्योहार तभी बेहतर और खुशनुमा होते हैं जब हमारे अपने परिजन अपने चाहने वाले एक दूसरे के लिए त्याग करने वाले एक साथ उन त्योहारों का आनंद उठाएं।
 जीवन में  परिवार के महत्व को दर्शाती बर्टन हिल्स की यह उक्ति यूं तो बहुत अच्छी है आखिर यह उक्ति हमारे अपनों का अपने जीवन में महत्व साबित करती है ... वाकई त्योहार का आनंद तभी है जब परिजन एकत्रित होते हैं जब सभी मिलकर एक खुशनुमा वातावरण का निर्माण करते हैं और एक दूसरे के लिए कुछ करने की इच्छा रखते हैं यहां तक तो ठीक है आपत्ति केवल इस बात की है एक पांच साल के बच्चे को जोकि wrapped up का मतलब भी नहीं जानता उसे क्रिसमस ट्री के इर्द गिर्द परिवार के माहौल परिवार का महत्व आदि आदि सिखाया जाता है। आज मैं अपने पांच साल के भतीजे को यह उक्ति सिखा रहा था उसे अपने स्कूल में prayer meeting के दौरान इस उक्ति को बोलना है .. करीब सौ बार उसने बोला करीब दस बार उससे लिखाया लेकिन बेचारा फिर भी अटक रहा है सवाल उसकी मेधा का नहीं है आखिर बच्चा है कोई रोबोट नहीं जो कुछ भी सिखा दो और वह बोलना शुरु हो जाए सवाल यह है कि शिक्षा का स्वरूप क्या हो। क्रिसमस का त्योहार उत्तर भारत में इतना लोकप्रचलित नहीं है कि हर एक उस माहौल को समझ सके हर एक लंदन में जन्मा नहीं है न तो यह बच्चे न इनके पालक न इन उक्तियों को पढाने वाले शिक्षक और न इन उक्तियों को चलवाने स्कूल प्रबंधक ...भोपाल के  पब्लिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने का प्रयास किया जाता है तो जरूरी है कि बच्चों को कम से कम ऐसे उदाहरण सामने रखे जाएं जो उसे अपने से लगें। बच्चे का प्रकृति से साहचर्य बहुत आवश्यक है उसे समझ में आना चाहिए कि वह जो पढ रहा है वह उसके आसपास घटित होेने वाला है... उसे यह समझ में आए कि जो अंग्रेजी भाषा में घुट्टी उसे पिलाई जा रही है उसका उसके दैनिक जीवन में भी मतलब है... मैंने अपने भतीजे को समझाने की कोशिश की कि बेटा हम जब दीपावली का त्योहार मनाते हैं तो आपको पता है न हम सभी अपने गांव गए हुए थे जहां दादाजी ने पूजा की और तब आपने दादाजी दादाजी बड़े पापा मम्मी भाई साहब भाईजी सभी के पैर छुए थे फिर आपने भाईसाहब के साथ पटाखे चलाए थे फिर आपने मिठाई खाई थी। बडी मम्मी ने आपको गुलाबजामुन बनाकर खिलाए थे और हम सभी कार से घूमने गए थे। आपको याद है बड़े पापा आपके लिए कपड़े लाए थे .. 


इतना सब कुछ सुनकर उसे याद आया कि त्योहार क्या होता है और इसमें परिवार की क्या भूमिका होती है .. अब बर्टन हिल्स महोदय की उक्ति अगर उसके जेहन में कौंधेगी तो केवल वह कौंधेगी वह उसे कभी क्लिक नहीं करेगी कि इसका मतलब क्या है क्योंंकि जिस बच्चे ने कभी क्रिसमस देखा नहीं जिसने कभी ईसाई धर्म रवायतों को अपने आसपास घटित होते नहीं देखा जिसने क्रिसमस ट्री किस उद्देश्य से लगाया जाता है यह नहीं देखा वह उस त्योहार के माध्यम से परिवार की खुशी परिवार के समर्पण भाव को क्या समझ पाएगा.. लिहाजा मुझे लगा कि यह एक गंभीर विषय है कि हम अपनी आनेवाली पीढियों को वही शिक्षा और वही परिवेश देने की कोशिश करें जिसके वो आदी हैं ...कम से वह अपने शिक्षा को भूत न समझे जिससे डरना उसके लिए लाजिमी हो जाए। शिक्षा लोकज देशज और पारंपरिक स्वरूप में हो तभी बेहतर है।

"निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।"

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