ये दुनिया वैसी बिलकुल नहीं है जैसी दिखती है। टीवी की चमक दमक से ये समाज बिलकुल अलग है
CHROMA: इस रात की सुबह नहीं....
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CHROMA: इस रात की सुबह नहीं....: इस रात की सुबह नहीं.. बहुत जाना पहचाना स्लग हो सकता है.. टीवी न्यूज चैनलों पर किसी सितारे की अंतिम यात्रा के लिए या किसी खबर के क्रोमा में...
30 मार्च 2015 रात के करीब दस बज रहे थे ...मैं यूं ही बैठा हुआ नेट पर कुछ खंगाल रहा था कि अनायास हमारे छोटे भाई सदृश और वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रवीण तिवारी का फोन आया। प्रवीण का फोन आता है तो हम लंबे समय तक देशदुनिया की बात करते हैं और एक दूसरे पर जमकर चिल्लाते हैं लेकिन आज उसकी उदासी और सांसों में बैचेनी को सहज ही समझा जा सकता था। फोन उठाते ही कहा कि एक बुरी खबर है.. मैं चौंक गया मन उधेड़बुन में लग गया .. कयासों के बादल दिमाग में मंडराने लगे सोचा शायद इसने लाइव इंडिया को बॉय बॉय बोल दिया या फिर शायद कुछ और.. इतना समय भी नहीं था, क्योंकि प्रवीण सरीखा हंसमुख व्यक्ति कभी उदास अच्छा नहीं लगता मैने पूछा तो बताया कि भाई अनूप झा नहीं रहे। बताया कि करनाल में सड़क दुर्घटना में अनूप को गहरी चोट आई थी दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया दिनभर इलाज चला लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव से अनूप की जान नहीं बचाई जा सकी। हम दोनों के लिए अनूप झा का इस तरह से चले जाना किसी व्यक्तिगत क्षति से कम नहीं है। यह उन दिनों की बात है जबकि हम लाइव इंडिया के अखबार प्रजातंत्रलाइव के लिए बहुत शुरुआती दौर में तैया...
जीत का अचूक मंत्र देने वाले प्रशांत किशोर के इन दिनो वारे न्यारे हैं। आए दिन हर दल उनसे संपर्क करता है हर दिन उनसे मंत्रणा करते हैं और आने वाले चुनावों में जीत का जंतर जानने के जतन करते हैं। प्रशांत किशोर के इस जादू की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई जब पता चला कि नरेंद्र मोदी की अगुआई में भाजपा की जीत में प्रशांत किशोर का खास योगदान है। उन्होंने दस साल की कांग्रेस नीत यूपीए सरकार की नाकामियों और नए भारत के सपने के साथ मोदी को मैदान में उतारा और जनता ने जोरदार रिस्पांस दिया। वही प्रशांत किशोर बाद में अलग अलग राज्यों के दलों के साथ मिलकर काम करते हुए जीत का जंतर देने लगे। हाल ही में पश्चिम बंगाल के चुनावों में प्रशांत किशोर की टीम ने तृणमूल कांग्रेस की जिस प्रकार से रणनीति गढी उससे भाजपा के दो सो सीटों के दावे की हवा निकल गई। प्रशांत किशोर और उनकी टीम जिस प्रकार से जमीन पर जाकर काम करती हेै लोगों के मनोभावों समस्याओं और विचारों को समझने का प्रयास करती है यह उसी का नतीजा है कि वे राजनीतिक दलों के लिए उचित परामर्श दे पाते हैं क्या करना चाहिए। यह भले ही अजीब लगे लेकिन सच है कि हमारे राजनीतिक दल अ...
प्रति , श्रम मंत्री महोदय , श्रम एवं रोजगार मंत्रालय , भारत सरकार श्रम शक्ति भवन , रफी मार्ग , नई दिल्ली विषय - प्रसार भारती के अंतर्गत दूरदर्शन टीवी चैनल में अवैध नियमित कर्मचारियों की भर्ती एवं कॉन्ट्रक्चुअल मैनपावर इंगेजी के शोषण किये जाने के विरूद्ध आवेदन । महोदय जी , उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि प्रसार भारती भारत का सबसे बड़ा लोकसेवा प्रसारक स्वायत्त संसथान है जो कि भारत की संसद के प्रति उत्तरदायी है। पूरे भारत वर्ष में इससे बड़ी नेटवर्क पहुँच किसी अन्य टीवी और रेडियो चैनल की नहीं है। किंतु इसके नीति निर्धारक अधिकारी इसका सत्यानाश करने पर आमादा हैं। इसका बिंदुवार विवरण निम्नवत है। 1. दूरदर्शन से देशवासियों क...
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