खुद को बेहतर बनाइए जीवन को सुंदर बनाइए जग सुंदर बनेगा

आज जीवन को लेकर एक बेहतरीन सोच और दर्शन पढने को मिला। दैनिक भास्कर में विख्यात अमेरिकी लेखक रिक रिगस्बी लिखते हैं कि जीवन में आपको हर दिन यह सोचना और विचार करना चाहिए कि आप खुद कैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। दरअसल आप को हमेशा खुद को बेहतर करने निखारने की नितांत जरुरत है। अगर समाज को परिवार को देश को सुधारना चाहते हैं तो पहले खुद को बेहतर बनाना जरुरी है। आप खुद के जैसा बनिये। आपके पास इसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है। कहा भी जाता है जो खुद को बेहतर नहीं कर सकता है वह अन्य लोगों को कैसेे बेहतर कर सकेगा परिवर्तन सुधार की गुंजाइश खुद में सबसे पहले तलाशने की जरुरत है। जो व्यक्ति अपने बारे में नहीं सोच सकता है वह दरअसल कुछ सोच ही नहीं सकता है। अच्छा काम तब तक अच्छा नहीं है जब तक कि उसमें कुछ बेहतर करने की गुंजाइश रहती है लिहाजा आप को हमेशा अपने काम का मूल्यांकन करने की जरुरत रहनी चाहिए। निष्पक्ष मूल्यांकन आत्मावलोकन और विचारों की मीमांसा ही आपको तराशने में मददगार होगी। यही चिंतन का पहला नियम है। माइकल एंजेलो ने कहा है कि मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है कि अगर कोई बड़े लक्ष्य तय करने उन्हें हासिल करने के प्रयास करे और चूक जाए बनिस्बत इसके कि कोई अगर छोटे लक्ष्य तय करे और उन्हें हासिल कर खुद को संतुष्ट हो जाए। कहने का सार है कि जीवन में लक्ष्य बड़े हासिल करें और उन्हें हासिल करनेे के निरंतर जतन करें निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी। 

अरस्तू ने कहा था आप वो हैं जो आप बार बार करते हैं यानी जो आप सोचते हैं जैसा आप अपने आप को देखते हैं। इसलिए अपने काम में सर्वश्रेष्ठ देना अपने काम में उत्कृष्टता आपकी आदत होनी चाहिए। यह आदत सिर्फ एक काम से जुड़ी नही होनी चाहिए। 

पिता कहते थे अहंकार को बढ़ने मत दो यह वह संवेदनहीनता है जो मूर्खता के दर्द को खत्म कर देती है। अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर दिन आपको खुद से सवाल करना होंगे आप कैसा जीवन जीना चाहते हैं और इस जीवन को हासिल करने के लिए क्या क्या जतन करना होंगे। तभी आप एक उत्कृष्ट हासिल कर सकेंगे। यह भी सत्य है कि इस दुनिया में ऐसा कोई नेक काम नहीं होता जो बिना आफत के संपन्न हो जाए आफतें इंसान को मजबूत बनाती है। 

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